
चंद्रपुर जिले के नागरिकों को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित राष्ट्रीय एकता समारोह में शामिल होने का मिला विशेष अवसर
चंद्रपुर: राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता परेड समारोह में भाग लेने के लिए चंद्रपुर जिले के 50 नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल गुजरात रवाना हो गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी, उद्यमी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक शामिल हैं।
देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस राष्ट्रीय समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से महाराष्ट्र के पूर्व नक्सल प्रभावित जिलों चंद्रपुर, गढ़चिरौली और गोंदिया के नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
पुलिस प्रशासन ने की विशेष व्यवस्था
चंद्रपुर जिले के पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकाडे के मार्गदर्शन में इस दौरे की योजना बनाई गई। जिला विशेष शाखा के पुलिस निरीक्षक निशिकांत रामटेके और उनकी टीम ने प्रतिनिधिमंडल के दौरे के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर को पहले चरण में 3 नागरिकों को, 29 अक्टूबर को 33 नागरिकों को और 30 अक्टूबर को 14 नागरिकों को गुजरात के लिए रवाना किया गया। इस प्रकार कुल 50 नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए रवाना हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल के साथ चंद्रपुर पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष समन्वय टीम भी तैनात की गई है। नागरिकों की यात्रा, आवास और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
विकास परियोजनाओं का भी करेंगे दौरा
राष्ट्रीय एकता दिवस के मुख्य समारोह से पहले प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सरदार सरोवर परियोजना, एकता परिसर और गुजरात में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें देश में हो रहे विकास कार्यों को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।
शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में पहल
इस पहल का मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को देश की मुख्यधारा से जोड़ना, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की भावना को मजबूत करना और उन्हें देश की विकास यात्रा से परिचित कराना है।
जिला पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि इस तरह की पहल से चंद्रपुर जिले के नागरिकों में राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और जिले में शांति, सुरक्षा तथा सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
पुलिस के अनुसार, 20 मई 2025 को रात 1 बजे से 1:30 बजे के बीच राजुरा तहसील के चार्ली शिवार में शंकर परशुराम काले (60) की मौत हुई थी। शुरुआत में राजुरा पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु क्रमांक 44/2025 के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के अनुसार मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच के दौरान पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट में सामने आया कि मृतक की मौत गला दबाने से हुई थी। रिपोर्ट में हायॉइड हड्डी (गले की हड्डी) में फ्रैक्चर होने की बात भी सामने आई। इससे मौत के आत्महत्या होने की आशंका पर सवाल खड़े हुए।
पुलिस के मुताबिक, मृतक के बेटे ने शुरुआत में जहरीली दवा पीकर आत्महत्या किए जाने की झूठी जानकारी देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। मामले की गहन जांच और पूछताछ के दौरान निखिल शंकर काले ने अपराध कबूल किया, ऐसा पुलिस ने बताया।
29 अक्टूबर 2026 को हत्या का मामला दर्ज
पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को अंतिम चिकित्सकीय रिपोर्ट और उपलब्ध सबूतों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस निरीक्षक नितिन चिंचोलकर की शिकायत पर राजुरा पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 804/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) और 240 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई में चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे तथा राजुरा के सहायक पुलिस अधीक्षक कुमार सुशांत के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक नितिन चिंचोलकर के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश पाटिल कर रहे हैं।
























