Home My City Chandrapur लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प

लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प

चंद्रपुर में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन के तहत कांग्रेस की पदयात्रा; जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

चंद्रपुर। लोकतंत्र, संविधान और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के मुद्दे को लेकर कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जनआंदोलन के तहत गुरुवार को चंद्रपुर में पदयात्रा निकाली गई। गांधी चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाली गई इस पदयात्रा में कांग्रेस के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष को और अधिक तीव्र करने का संकल्प लिया गया।

पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था लोकतंत्र की बुनियाद है तथा मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस आंदोलन में पूर्व विधायक सुभाषभाऊ धोटे, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवा राव पोलशेट्टी, विधायक एडवोकेट अभिजीत वंजारी, पूर्व जिलाध्यक्ष विनायक बांगड़े, गड़चिरोली जिलाध्यक्ष महेंद्र ब्राह्मणवाडे, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष शंतनू धोटे, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुंदाताई जेनेकर सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

पदयात्रा के बाद कांग्रेस की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी मांगों को ज्ञापन के माध्यम से सामने रखा।

कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। मतदाता अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल कर सकें और चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास कायम रहे, इसके लिए पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों का संरक्षण आवश्यक है।

‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। पदयात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा से जुड़े सवालों को लेकर उनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक लगातार बुलंद होती रहेगी।